चाणक्य नीति- ऐसे 5 लोगों से दोस्ती न करे I CHANKYA NITI IN HINDI

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चाणक्य नीति
बचपन से हमारे बड़े -बुजुर्ग यही शिक्षा देते है कि सभी लोगो से मिल-जुलकर रहो और सभी से प्रेमपूर्वक बातें करो .हम सभी सामाजिक प्राणी है और हमें मिल-जुलकर रहना  भी  चाहिए.  अगर देखा जाये तो   मिल-जुलकर रहने के अनेक लाभ है. लोगो के साथ मिलकर रहने से जीवन में एक विशेष आनंद मिलता है.

चाणक्य नीति CHANKYA NITI

चाणक्य नीति के अनुसार हमारे समाज में  कुछ ऐसे लोग होते है जिनसे दुरी बना कर रखना ही लाभदायक है. ऐसे लोगों का साथ हमें जीवन में कई प्रकार के परेशानियों में डाल सकता है. इसलिए जितना संभव हो उतना ही  ऐसे लोगों से परहेज रखे. ऐसे लोगो के साथ दोस्ती करने या ज्यादा संपर्क बनाये रखने से हमें जीवन में पछताना पड़ सकता है.चाणक्य के अनुसार  समाज में ऐसे 5 प्रकार के  लोगों से हमेशा दुरी बनाये रखना चाहिए. 

1. आलसी (LAZY)-

lazy man
एक कहावत है -"आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु होता है" एक आलसी व्यक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन वह खुद होता है. एक आलसी व्यक्ति आलस्य के चलते कभी भी किसी प्रकार के जिम्मेदारी को नहीं निभाता.  आलसी व्यक्ति को न तो कार्य के प्रति रूचि रहता है और न ही अपने स्वास्थ्य के प्रति .कई बार आलस्य के कारण घर में आलोचना का भी शिकार होना पड़ता है. ऐसे व्यक्ति से आप दोस्ती रखेंगे तो धीरे धीरे आप भी आलसी बन जायेंगे. इसीलिए ऐसे व्यक्ति से दोस्ती या ज्यादा मेल -मिलाप नहीं रखना चाहिए.


2. कपटी(INSIDIOUS)-

jealousy
समाज में कई प्रकार के लोग होते है. कुछ लोग खुद तो अपने जीवन में कुछ नहीं करते है लेकिन दूसरे लोगों कि तरक्की को देखकर जलन या कपट की भावना रखते है. ऐसे लोग दुसरो को नुकसान पहुंचाने या निचा दिखाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है.कपट या जलन की भावना रखने वाले व्यक्ति के लिए सही या गलत का कोई पैमाना नहीं होता है. ऐसे लोग सिर्फ खुद को सही मानते है. ऐसे व्यक्ति की दोस्ती हमें भी कपटी या दुराचारी बना सकता है. 

3.अत्यधिक क्रोधी(ANGRY)-

angry man
ऐसे तो सामान्य व्यक्ति को भी क्रोध आता है. कभी कभी क्रोध आना बढ़िया बात है लेकिन हर समय या छोटे छोटे बात पर क्रोधित होना अव्यवहारिक होता है. अत्यधिक क्रोधी व्यक्ति को भी सही- गलत का  ज्यादा ज्ञान नहीं होता है, वो सिर्फ खुद के गलत तर्क  को सही साबित करने में लगा रहता है और जब वह असफल हो जाता है तो सामने वाले को क्रोध के कारण नुकसान पंहुचा देते है. ऐसे व्यक्ति खुद के साथ साथ अपने परिजनों का भी नुकसान करते है. इसलिए अत्यधिक क्रोध करने वालो से मित्रता नहीं रखना चाहिए.

4. नास्तिक(ATHEIST)-

religious
जो  व्यक्ति भगवान या धर्म में आस्था न रखता हो . चाणक्य के अनुसार- ऐसे व्यक्ति हमेशा कुतर्क करते रहते है.अपने कुतर्क के कारण जीवन में सच्ची बातो को भी मानने से इंकार करते है. जीवन के शाश्वत सत्य को भी अपने कुतर्क से गलत साबित करने की कोशिश करते है.झूठ बोलना, बुरा व्यव्हार करना नास्तिक व्यक्ति का स्वभाव बन जाता है. ऐसे व्यक्ति कभी भी किसी की भावनाओ को ठेस पंहुचा सकते है, ऐसे लोगों का स्वाभाव खुद को ही बेहतर साबित करना होता है चाहे जैसे भी हो.  ऐसे लोगों की संगती से सदैव दूर रहना चाहिए.


5. लालची (GREEDY) -

craving for others wealth
कुछ लोगों में दुसरो के धन के प्रति  लालच बहुत ज्यादा रहता है. ऐसे लोग अपने लालच वश कुछ भी कर सकते है. लालची व्यक्ति हमेशा दुसरो के धन को पाने की लालशा रखता है और उसके लिए किस भी हद तक जा सकता है. दुसरो के धन को पाने के लिए चोरी, डकैती, अपहरण जैसे अपराधिक कार्यो को भी अंजाम दे डालते है. ऐसे व्यक्ति से दोस्ती करना आपको बहुत बड़ी मुसीबत में डाल सकता है.

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2 comments:

  1. Really nice. sachmuch aise logo se dosti karne se khud ko bahut bada nuksan hota hai. aise logo se duri banakar rakhana hi badiya hota hai.

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  2. sahi bat hai suman ji. aise logo ke saath nahi rahna chahiye. thank you so much

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