जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के 5 मूल मंत्र । 5 TIPS FOR HAPPY & PEACEFUL LIFE

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Happy and peaceful life tips
जीवन मे सुख और शांति इन्ही दो चीजों की चाहत होती है. हर किसी की चाहत होती है कि वो सुखी और शांतिपूर्वक जीवन जीये. लेकिन आजकल के भागदौड़ भरी लाइफ में लोगों के जीवन से ये दो चीजें गायब हो गई है. भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल ने लोगों के मन को पूरी तरह से disturb कर दिया है. एक व्यक्ति रात-दिन मेहनत करता है फिर भी सुख और मन की शांति से वंचित रहता है. इसका कारण है पैसे को सुख का साधन समझने की गलती करना. सिर्फ पैसो से मन की शांति और सुख नहीं मिलता है.

सुख, शांति और समृद्धि के 5 मूल मंत्र-

प्रायः देखा गया है कि जब एक व्यक्ति अपने व्यवहार और सोचने के तरीके,  नज़रिये में बदलाव लाता है तो उसे मन कि शांति मिलती है और एक अध्ययन में पाया गया है कि जब मन शांत हो तो  जीवन में कई प्रकार के सुख मिलते है, अर्थात जब हमारा मन शांत होता है तब हमें जीवन मे कई सारे सुखों की वास्तव में अनुभूति होती है. मन की शांति और सुखी जीवन पाने के लिए कुछ मंत्र है जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में सुख और शांति पा सकते है.

1. बेवजह किसी से दुश्मनी न  ले- 

प्रायः कई लोग बात-बात पे गुस्सा करते है और कई बार ऐसे ही बेतुकी गुस्से के कारण वे दूसरे लोगों से झगड़ जाते है. ऐसे बेवजह झगड़े दुश्मनी का कारण बन जाता है. यह आदत हमें लाइफ में अनेक प्रकार के मानसिक दुःख और परेशानी में डाल देता है, और हमारे मन की शांति छीन लेता है. इसलिए इस बात का हमेशा से ध्यान रखना चाहिए कि किसी से भी बेवजह लड़ाई न हो और आपसी दुश्मनी की भावना पैदा मत हो.


2. दूसरों के विवादों में न पड़े-

कुछ लोग अपने दोस्त या रिश्तेदार के विवादों में बिना किसी मतलब के उलझ जाते है और उस विवाद को खुद का विवाद बना लेते है. ऐसी स्थिति में कोई गलती न होते हुवे भी आप सामने वाले का दुश्मन बन जाते है. इस तरह आप बिना गलती के कई प्रकार के मानसिक परेशानियों को न्यौता देते है जो आपके सुख , चैन को छीन लेते है. इसलिए जहाँ तक संभव हो ऐसे मामले से दूर रहना ही उचित है.

3. निंदा करने वालों से दोस्ती न रखे-

लोगों को निंदा करने में बड़ा आनंद आता है, इसी आनंद के कारण ना चाहते हुवे भी हम इसमे लिप्त हो जाते है. किसी व्यक्ति के जीवन पर  न सिर्फ उसकी आदतें बल्कि उससे जुड़े सभी लोगों के आदतें भी असर डालती है. हमारे दोस्तों की बुरी आदतें भी हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकता है. कई बार दूसरों के निंदा में सिर्फ शामिल होने से दूसरों के द्वारा की गई बुराई के लिए हमें जिम्मेदार ठहराया जाता है.  इसलिए ऐसे किसी व्यक्ति से दोस्ती न रखे जिसमें निंदा या दूसरों की बुराई करने की आदत हो.

4. अपनी बातों से किसी का दिल न दुखाये-

एक कहावत है- "इंसान मार भूल सकता है लेकिन बात नहीं". शब्द  तीर के समान होते है जो एक बार हमारे मुख से निकल जाये तो वापस नहीं लिया जा सकता. इसलिए हमेशा सोच समझकर बात करना चाहिए जिससे कि सामने वालों को आपकी बातों से कोई दुःख न हो. अच्छी बातों से जहाँ हमारे अनेक मित्र बनते है वही बुरे शब्दो से हर कोई दुश्मन बनते जाते है. जब हमारे बातो से किसी को दुःख पहुचता है तो वो भी हमें दुःख पहुचाने की कोशिश करता है, जिससे हमारा मन व्यथित (Disturb) हो जाता है.


5. दूसरों को नीचा न दिखाये-

बहुत लोगों को पैसे और पद का घमंड हो जाता है और वो दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करते है. ऐसे लोग मौका मिलते ही दुसरों की बेज्जती करने या नीचा दिखाने से नही चूकते है. ऐसी आदतें व्यक्ति को लोगों से दूर कर देता है और एक समय के बाद ऐसे व्यक्ति अकेलेपन के कारण अनेक प्रकार के मानसिक रोग से ग्रस्त हो जाते है.इसलिए कोशिश करे कि सभी लोगों को बराबर सम्मान दे और सबसे मिलकर रहे.
जीवन में सुख और शांति के लिए ऐसे सभी  आदतों से दूर रहें, यही जीवन मे सुखी और शांतिपूर्वक जीवन जीने का रहस्य है.
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4 comments:

  1. If we have good friends we always will be happy.

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  2. Nice ,but ninda is also a good way to keep u happy. saari bhadas nikal jaati h.

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    1. kabhi ek do bar thik hai but habitual hone par problem create hoti hai.

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