डिप्रेशन- कही आप भी इसके शिकार तो नहीं ? DEPRESSION IN HINDI

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जीवन के दौड़ में हर कोई सफल नहीं हो पाता. कार्य में असफलता एक व्यक्ति के नजरिये (Attitude) और जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आता है. कुछ लोग इससे सबक लेकर आगे बड़ जाते है लेकिन हर चौथे व्यक्ति अवसाद (Depression) के शिकार हो जाते है.
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डिप्रेशन- कही आप भी इसके शिकार तो नहीं ? 
आज कल लोग सुसाइड (Suicide)  जैसे कामो को अंजाम दे रहे है आपके आसपास भी ऐसी घटनाये हो रहा होगा. क्या आपने कभी सोचा है ये सब क्यों हो रहा. हमारे आस-पास ऐसे दुखद घटनाये दिनों-दिन बढ़ती जा रही है इसका कारण है डिप्रेशन या अवसाद का शिकार होना.

डिप्रेशन क्या है WHAT IS DEPRESSION

सभी लोगो के जीवन में सुख-दुःख लगा रहता है. जीवन में सफल होने पर हम खुश हो जाते है और वही असफल होने पर दुःखी हो जाते है. कुछ समय के लिए दुःखी रहना एक स्वाभाविक बात है. लेकिन जब हम बहुत दिनों तक दुःखी रहते है या किसी चिंता में डूबे रहते है तो डिप्रेशन के शिकार होने का खतरा रहता है.
Depression एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति बहुत लम्बे समय तक दुःखी रहता है और जीवन में नकारात्मक सोच को अपना लेता है. वह जीवन में अकेला महसूस करता है और दोस्तों से अलग रहना शुरू कर देता है. धीरे-धीरे वह अपने रोजमर्रा के कामो से तंग आ जाता है और उसके जीवन जीने की इच्छा कम हो जाती है. जीवन नीरस लगने लगती है.

डिप्रेस्शन के लक्षण SYMPTOMS OF DEPRESSION

डिप्रेशन का शिकार कोई भी  उम्र का व्यक्ति हो सकता है. डिप्रेशन के शिकार होने के पीछे कई  कारण हो सकते है. किसी व्यक्ति के डिप्रेशन के शिकार होने के पीछे कुछ प्रमुख कारण है जैसे - आर्थिक परेशानी, नौकरी से निकला जाना. कार्य में बार-बार असफल होना, किसी नजदीकी की मौत और प्यार में धोखा. हर व्यक्ति के डिप्रेशन के पीछे अलग कारण हो सकते है.लेकिन  कुछ सामान्य लक्षण होते है-जिससे आप जान सकते है कि कही आप भी  उसके शिकार तो नहीं है.

  • ठीक से नींद न आना या रात में बार-बार जागना 
  • बात-बात पर गुस्सा होना
  • काम करने में कठिनाई महसूस करना जिसे पहले सामान्य रूप से करते थे. 
  • जीवन में नकारात्मक विचारो से लगातार घिरे रहना. 
  • अत्यधिक सिर दर्द होना. 
  • भूख कम लगना या अधिक खाना खाना. 
  • जीवन नीरस और बेजान लगना
  • जीवन में बार-बार सुसाइड करने का ख्याल आना.



डिप्रेशन से बहार निकलने के उपाय-

डिप्रेशन के शिकार व्यक्ति को जीवन नीरस और बेजान लगती है और वह सोचता है कि उसके जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं होगा. उसका जीवन नहीं बदलेगा और वह हार मान  लेता है. तो आइये जानते है कि कैसे आप  नकारात्मक सोच से छुटकारा पाकर डिप्रेशन से बाहर निकल सकते है.

1. डिप्रेशन का कारण जाने-

अगर आपको लगता है कि आप डिप्रेशन के शिकार हो रहे है या हो चुके है और उससे बाहर निकलना चाहते है तो सबसे पहले उसका कारण जानने कि कोशिश करे . जब आपको कारण का पता चल जाएगा तो उस समस्या का समाधान निकालना आसान होगा.
मान लो- आपकी नौकरी छूट  जाने से आप depress हो गए है तो आपको  अपनी योग्यता पर भरोसा करते हुवे दूसरे नौकरी कि तलाश करनी चाहिए. न कि पुरानी नौकरी के लिए रोते रहना चाहिए.

2. पसंद का काम चुने-

जीवन में कई बार ऐसा भी होता है कि मन पसंद काम न मिलने के कारण भी हमें कार्य करने में कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बार-बार कार्य में परेशानियों के कारण भी हम अवसाद से ग्रसित हो जाते है. इसलिए बेहतर है  कि  मन पसंद काम चुने जिससे आपको काम करने में प्रसन्ता होगी.

3. भविष्य कि चिंता न करें

लोगों को अपने भविष्य कि बहुत चिंता होती है. भविष्य कि बातो आपको व्यर्थ कि परेशानियों में डाल देता है इसलिए कोशिश करना चाहिए वर्तमान में जीने कि. आज जो कुछ भी चल रहा है उसपे फोकस करने कि. आज आपका अच्छा होगा तो यकीन मानिये भविष्य भी अच्छा ही होगा. क्यूंकि Present में आपका सोच आपका Future  तय करता है. इसलिए आज को बेहतर बनाने कि कोशिश करें.
पढ़े- चिंता सरल काम को भी कठिन बना देती है. 

4.भावनाओ को बाहर निकाले -

जीवन में जब एक व्यक्ति को किसी प्रकार कि समस्या आती है तो वह तनाव में आ जाता है.ऐसे समय में अधिकांश लोग अंतर्मुखी हो जाते है मतलब समस्या को मन में दबा लेते है. ऐसे समय में भावनाओ को बाहर निकले- अपने समस्या को किसी दोस्त, रिस्तेदार, भाई-बहन से चर्चा करें जिससे आप तनाव ग्रसित नहीं होंगे और आप हल्का महसूस करेंगे. 

5. मामले से ध्यान हटाए.

ऐसा सबके साथ होता है कि हमें किसी प्रकार कि परेशानी हो तो हम बार-बार उसी बात को सोचते रहते है. बार-बार सोचने कि वजह से हम धीरे-धीरे चिंता से ग्रसित होते जाते है. इसलिए मामले से ध्यान हटाए और खुद को अन्य कार्यो में व्यस्त रखें. दूसरे कामो में लगे रहने से आपका मन शांत रहेगा.


6. अकेले पन से बचे-

अकेलापन डिप्रेशन का सबसे बड़ा कारण है. अगर आपको लगता है कि आप डिप्रेशन के शिकार हो रहे है तो अकेले रहने से बचे. आप जितना ज्यादा अकेला रहेंगे आप नकारात्मक विचारो से घिरे रहेंगे. अमेरिका के एक सर्वे के अनुसार -अकेले रहने वाले लोग आत्महत्या जैसे कामो को शीघ्र अंजाम देते है. इसलिए जितना हो सके दुसरो के साथ ही रहे. जितना  आप लोगों के साथ रहेंगे उतना ही  खुद को नकारात्मक विचारो से बचा पाएंगे .

7.आदतों में बदलाव करें.

आपका जीवन तब  तक नहीं बदलेगा जब तक आप खुद बदलना नहीं चाहेंगे. आप ऐसा उम्मीद ना रखें कि कोई चमत्कार होगा और आपका जीवन बदल जायेगा. आपने आदतों में बदलाव लाये-  मोटिवेशनल फिल्म देखे, गाने सुने, सामाजिक और सांस्कृतिक कामों में भाग ले, नशीली चीजों से दूर रहे और खुल कर हॅसे. ये सभी सकारात्मक चीजे आपको डिप्रेशन  से बाहर निकलने में बहुत मदद करेगी. 

8. किसी विशेषज्ञ से सलाह- 

कई बार स्थिति बहुत भयानक होती है ऐसे समय में समझदारी यही है कि हम किसी विशेषज्ञ से सलाह ले कि हमें क्या करना चाहिए.विशेषज्ञ आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों बातो को ध्यांन रखते हुवे आपको उचित सलाह देगा और आपको इस मानसिक स्थिति से बाहर निकलने में सहायता करेगा.

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