नकारात्मक विचारों से कैसे बचे? Stop Negative Thoughts

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एक बात हमेशा से कहा जाता है कि अगर गलत चीजे हमारी आदतों में शामिल हो जाये तो उससे पीछा छुडाना बहुत मुश्किल हो जाता है और यह बात आज भी लागु होता है.
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नकारात्मक विचारों से कैसे बचे?
ठीक इसीतरह अगर किसी व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता (Negativity) आ जाये तो उसे दूर करना उसके लिए बहुत कठिन हो जाता है. नकारात्मकता के कारण दिन भर दिमाग में नेगेटिव थॉट्स (Negative Thoughts) आते है और व्यक्ति धीरे-धीरे उसके जाल में फॅसते जाता है. किसी के लिए Negativity के जाल से छुटकारा पाना आसान नहीं होता है.

नेगेटिव थॉट्स पर मानव प्रवृत्ति (Human Tendency on Negative Thoughts)

किसी भी गलत  चीज पर मानव कि प्रवृत्ति थोड़ी अजीब होती है. एक इंसान  नेगेटिव एनर्जी या नेगेटिव आईडिया के तरफ जल्दी आकर्षित होता है और अपने जीवन में आने कि इजाजत  देता है. ऐसे तो हमारे आस-पास और प्रकृति में कितनी सारी चीजे है. सभी चीजों में या तो पॉजिटिव एनर्जी या नेगेटिव एनर्जी होती है. लेकिन मानवीय प्रवृति के कारण  सिर्फ गलत चीजों को करने में ही आनंद आता है.
शायद यही  कारण है कि हम लोग  नेगेटिव एनर्जी को जल्द ही ग्रहण करते है. नेगेटिव  एनर्जी हमारे अंदर  प्रवेश करते ही तेज गति से बढ़ने लगता है.



नेगेटिव थॉट्स कि शुरुवात (Beginning of Negative Thoughts)

किसी इंसान के जीवन में  नेगेटिव थॉट्स उस समय प्रवेश करती है जब वह छोटी-छोटी बातो पे नकारात्मक बातें सोचना शुरू कर देता है. इन्हीं छोटी-छोटी बातों से Negativity  विचारों में जगह बना लेता है.
उसके बाद इंसान नेगेटिव थॉट के जाल में फंसकर नेगेटिव वर्क भी करना शुरू कर देता है. ऐसे ही विचार लम्बे समय तक होने से वह उस नकारात्मक विचारों के आगोश में आ जाता है और कई नेगेटिव कार्य को भी अंजाम दे देता है. नकारात्मक विचार धीरे-धीरे आदत में बदल जाता है और फिर इंसान  उससे पीछा नहीं छुड़ा पाता.

नेगेटिव थॉट एक चुम्बक (Negative Thoughts is a Magnet)

चुम्बक के गुण आप भली भांति जानते है. नेगेटिव थॉट्स भी एक चुम्बक कि तरह ही कार्य करते है और हमारे आस-पास के सारे Negative thoughts और Ideas को अपने ओर आकर्षित करते है. लगातार गलत विचारों के Vibration  के करना हमारे दिमाग में दिनभर Negative Ideas  आते है और अपना प्रभाव छोड़ जाते है. जिसके कारण  एक समय के बाद हमारा दिमाग नकारात्मक विचारों का घोंसला (Nest of Negative Thoughts) बन जाता है.
नकारात्मक विचार इतने शक्तिशाली होते है कि हमारे अंदर के सकारात्मक विचार पर भी हावी हो जाता है जिससे वो भी समय के साथ-साथ नकारात्मक विचार में बदलकर हमें पूर्ण रूप से नकारात्मक इंसान  बना देता है.

नेगेटिव थॉट को कैसे रोके? Stop Negative Thoughts

अब आपके दिमाग में एक ही प्रश्न आ रहा होगा कि नेगेटिव थॉट्स को कैसे रोके. आप नेगेटिव थॉट्स को रोकने के तरीके जानना चाहेंगे. नेगेटिव थॉट्स को आप खुद ही अपने सूझ-बुझ से रोक सकते है.
चूँकि आप अपने मन के स्वयं मालिक है. कोई भी विचार आपके अंदर कितने देर तक रहेगा ये आप खुद ही निर्धारित करते है.  इसलिए किसी भी प्रकार के नेगेटिव विचार को अपने मन में 2  सेकंड से ज्यादा टिकने न दे. अगर जाने-अनजाने आपके मन में आ भी जाये तो उसे तुरंत अपने मन से निकल दे. नेगेटिव विचार को रोकने का सबसे बढ़िया उपाय है उसे मन  में आने कि इजाजत ही न दे.
मान लो -  आप किसी रास्ते से जा रहे है. आप अचानक देखते है कि रास्ते में कांटे बिछे है.  आप क्या उस कांटे पर ही चलना शुरू कर देंगे. शायद आप ऐसा नहीं करेंगे. आप अपने सूझ-बुझ से रास्ते के किनारे-किनारे चलना शुरू करेंगे जिससे आपके पांव में कांटे न लगे.
अगर यहाँ आप किनारे के बजाय काँटों पर ही चलना स्वीकार करते तो आपके साथ क्या होता इसका अंदाज़ा आप खुद भी लगा सकते है. एक काँटा  आपके पैरो को उतना नुकसान भले न पंहुचा पाए मगर जब पैर बार-बार काँटों के संपर्क में जायेगा तो आपके पैरो को लहू-लुहान कर देगा. आप 2  पग भी नहीं चल पायेगें. आपको कुछ समय के लिए अपंग बनाकर रख देगा.
दोस्तों, ठीक इसी तरह हमारे आस-पास के लोग भी हमारे लिए गलत विचारों के कांटे बिखरते रहते है. आप कि समझदारी है कि आप उन पर चले या उनसे किनारा करे.
नेगेटिव थॉट्स भी हमारे दिमाग में कांटो से भरे रास्तो के सामान है जिनपर चल कर आपका दिमाग कभी भी अच्छा विचार नहीं सोच सकता. इससे ग्रसित व्यक्ति गलत काम शुरू कर देता है और धीरे-धीरे अपने पुरे चरित्र को ही खाक में मिला देता है.

यह भी पढ़े-    नकारात्मक सोच से बचने के 5 अचूक उपाय 



नकारात्मक विचार के दुष्परिणाम 

नकारात्मक विचारो के परिणाम भयंकर दुष्परिणाम होते है. ये जानलेवा भी हो सकता है. नेगेटिव थॉट्स एक कीचड़ के सामान है . अगर सफ़ेद कपड़ो  पे लगने के तुरंत बाद न धोया जाए तो आपके कपडे को ख़राब कर देता है.   कीचड़  आपके सफ़ेद कपड़ो को तुरंत को गन्दा कर ही देता है साथ ही साथ उन कपड़ो पे एक दाग छोड़ देता है. ऐसे ही  नेगेटिव विचार से ग्रसित व्यक्ति का जीवन भी नेगेटिव कार्य करने से दागदार हो जाते है. नेगेटिव थॉट्स के  दुष्परिणाम पर मैंने एक पोस्ट लिखा है उसे भी जरूर पढ़े.-  नकारात्मक सोच के दुष्परिणाम.

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